ऑस्टियोपोरोसिस

  • March 14, 2020

ऑस्टियोपोरोसिस एक बीमारी है, जो हड्डियों को कमज़ोर करती है। इससे अप्रत्याशित फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी बिना किसी दर्द या लक्षणों के बढ़ती है- शायद यही कारण है कि इसे ‘मूक रोग’ भी कहा जाता है।

हालांकि यह उचित नहीं, लेकिन सच है कि यदि आप महिला हैं, तो पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस की जोखिम आपको ज़्यादा है। एक अनुमान के मुताबिक दुनिया भर में हर तीन सेकंड में एक ऑस्टियोपोरोटिक फ्रैक्चर होता है। 50 वर्ष की आयु वाली तीन महिलाओं में से एक और इसी आयु वर्ग में पांच पुरुषों में से एक को अपने शेष जीवनकाल में फ्रैक्चर होता है। विशेष रूप से 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मधुमेह और दिल के दौरे सहित कई अन्य बीमारियों की तुलना में, ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से होने वाले फ्रैक्चर के कारण अस्पताल में अधिक दिनों तक रहना पड़ता है।

महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा ज़्यादा होने के कई कारण हैं, जैसे:

  • पुरुषों की तुलना में महिलाओं की हड्डियां छोटी और पतली होती हैं
  • महिलाओं में रजोनिवृत्ति के साथ, एस्ट्रोजेन (एक हार्मोन जो हड्डियों की रक्षा करता है) तेजी से कम होने लगता है, जिससे हड्डियों को नुकसान होता है

ऑस्टियोपोरोसिस और युवा वयस्क महिलाएं

हालांकि ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा अधिक उम्र के लोगों में होता है, लेकिन यह उन युवाओं को प्रभावित करता है, जिनमें 20, 30 और 40 साल की महिलाएं शामिल हैं। प्रीमेनोपॉज़ल शब्द का अर्थ है, जिन महिलाओं को अभी भी मासिक धर्म हो रहा है। हालांकि प्रीमेनोपॉज़ल महिलाओं के लिए ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित होना आम बात नहीं है, लेकिन कुछ महिलाओं में हड्डियों का घनत्व कम होता है, जो उनके जीवनकाल के दौरान ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित होने की आशंका को बढ़ाता है।

कम अस्थि घनत्व वाली युवा महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा ज्यादा होता है। प्रीमेनोपॉज़ल महिलाओं में लंबे समय तक एक ही दवा के सेवन या अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति के कारण हड्डियों को नुकसान पहुंचता है, जो कि ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकता है।

किसी दवा या चिकित्सीय स्थिति के कारण होने वाले ऑस्टियोपोरोसिस को सेकेंडरी ऑस्टियोपोरोसिस के रूप में जाना जाता है। प्रीमेनोपॉज़ल महिलाएं कभी-कभी बिना किसी विशेष कारण के ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित हो जाती हैं। इसे इडियोपैथिक ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है, जहां ऑस्टियोपोरोसिस का कारण अज्ञात होता है।

ऑस्टियोपोरोसिस और रजोनिवृत्ति

रजोनिवृत्ति की शुरुआत के साथ होने वाली हड्डी कमजोर होने के कारण पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर होने का खतरा ज्यादा होता है। 20 साल की उम्र में अस्थि समूह चरम पर रहता है, और रजोनिवृत्ति की शुरुआत तक स्थिर रहता है। उत्तरी अमेरिका और यूरोप में 50 से 53 वर्ष के बीच की महिलाओं में यह स्थिति होती है, जबकि एशिया और लैटिन अमेरिका में यह स्थिति 42 वर्ष की उम्र तक होती है।

एस्ट्रोजन एक ऐसा हार्मोन है, जो महिला के प्रजनन चक्र को नियंत्रित करता है। यह महिलाओं और पुरुषों दोनों में हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखने में बहुत अहम भूमिका निभाता है। प्रीमेनोपॉज़ल महिलाओं में, आमतौर पर पुरुषों की तुलना में अधिक एस्ट्रोजन होता है लेकिन रजोनिवृत्ति के साथ ही एस्ट्रोजेन उत्पादन में नाटकीय रूप से गिरावट आती है जिससे हड्डियों को भारी नुकसान पहुंचता है।

महिलाएं एस्ट्रोजन के स्तर से संबंधित ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम में हैं, अगर वे:

  • अनियमित पीरियड्स का अनुभव करें या साधारण उम्र की तुलना में बाद में पीरियड्स हो
  • कैंसर की मरीज हैं
  • उनके अंडाशय को शल्य चिकित्सा के जरिये हटा दिया गया है
  • यदि रजोनिवृत्ति से गुजर रही हैं (जो कम उम्र में रजोनिवृत्ति के दौर से गुजर रही हैं) तो अधिक जोखिम में हैं

महिलाओं को रजोनिवृत्ति शुरू होने के तुरंत बाद, हड्डियों के घनत्व में कमी का खतरा होता है। एस्ट्रोजन की कमी के अलावा, आंतों में कैल्शियम का समावेश कम हो जाना, मूत्र के साथ कैल्शियम का निकास, और हड्डियों के सुरक्षात्मक हार्मोन की कमी, हड्डी के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

अध्ययन से पता चलता है कि ऐसी महिलाएं जिनका मासिक धर्म चक्र, सामान्य आयु से पहले शुरू हुआ था या जिन्होंने एस्ट्रोजन युक्त गर्भ निरोधकों का सेवन किया था, उनमें हड्डियों का घनत्व कम होता है।

ऑस्टियोपोरोसिस को कम करने के लिए आवश्यक उपाय

ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों की नाजुकता को कई कारकों द्वारा निर्धारित किया जाता है, जिनमें से कुछ को बदला भी जा सकता है (जैसे पोषण, व्यायाम और धूम्रपान) जबकि अन्य को नहीं (उदाहरण के लिए रजोनिवृत्ति, पारिवारिक इतिहास और रोग)।

माना जाता है कि हड्डी का घनत्त्व आनुवंशिक रूप से निर्धारित होता है, लेकिन 65 की उम्र के बाद हड्डियों के नुकसान में जेनेटिक्स कम भूमिका निभाता है और व्यायाम और पोषण जैसे अन्य कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हड्डियां स्वस्थ बनाए रखने और फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने के लिए इन उपायों को आजमाएं

1. नियमित रूप से व्यायाम करें:

रजोनिवृत्ति के बाद, मांसपेशियों की ताकत और हड्डी का द्रव्यमान, दोनों के रखरखाव के लिए व्यायाम जरूरी हो जाता है।

हड्डी की मजबूती को बनाए रखने के अलावा, व्यायाम का मांसपेशियों के कार्य को बेहतर बनाने और ताकत व संतुलन बनाए रखना लक्ष्य होता है। कमज़ोर मांसपेशियां और खराब संतुलन, गिरने और फ्रैक्चर में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित महिलाओं के लिए व्यायाम:

यदि आप ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित हैं, तो आपको अपने व्यायाम कार्यक्रम में संतुलन, आसन, समन्वय, चाल, कूल्हे और ट्रंक स्थिरीकरण को लक्षित करना चाहिए। व्यक्तिगत रूप से लक्षित और पर्यवेक्षित व्यायाम कार्यक्रम स्वास्थ्य लाभ में मददगार हो सकते हैं, चोट कम कर सकते हैं और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं।

2. अपने जोखिम कारकों को पहचानें:

आपको और आपके डॉक्टर को यह पहचानने में सक्षम बनाने के लिए, कि क्या आपको ऑस्टियोपोरोटिक फ्रैक्चर से पीड़ित होने का उच्च जोखिम हो सकता है, आपको निम्नलिखित ‘गैर-परिवर्तनीय’ जोखिम कारकों के बारे में पता होना चाहिए:

  • पिछला कोई फ्रैक्चर
  • परिवार में किसी को ऑस्टियोपोरोसिस या फ्रैक्चर हुआ था
  • प्रारंभिक रजोनिवृत्ति
  • संधिशोथ
  • कुपोषण संबंधी रोग

3. अपने डॉक्टर से बात करें:

रजोनिवृत्ति, मुक्त भविष्य के बारे में सोचने का समय है- और इसका मतलब है कि आप अपनी हड्डी के स्वास्थ्य के बारे में अपने डॉक्टर से परामर्श लें। यदि आप किसी जोखिम कारक का सामना कर रहे हैं, तो अपने चिकित्सक से ऐसे किसी जांच के बारे में पूछना महत्वपूर्ण है, जिसमें भविष्य के फ्रैक्चर और हड्डी घनत्व माप का आकलन शामिल होने की संभावना हो। यदि आपको गिरने का खतरा है, तो गिरने से बचाव के तरीकों पर चर्चा करें।

नैदानिक मूल्यांकन के परिणामों के आधार पर, आपका हड्डी रोग विशेषज्ञ विशिष्ट सिफारिशें कर सकता है। जोखिमों के बावजूद इसका उपचार निर्धारित है। उचित पोषण और सक्रिय जीवन शैली, दोनों आपके मस्कुलोस्केलेटल और सामान्य स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं – और यह महत्वपूर्ण भी है!

4. नकारात्मक आदतों से बचें:

नकारात्मक आदतें सामान्य स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं और हड्डी के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं, जिससे फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

धूम्रपान
धूम्रपान करने वालों और अतीत में धूम्रपान कर चुके लोगों को धूम्रपान न करने वालों की तुलना में किसी भी तरह के फ्रैक्चर का अधिक खतरा रहता है।

अत्यधिक शराब का सेवन
अल्कोहल का कम सेवन, आपकी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। लंबे समय तक शराब के सेवन से महिलाओं और पुरुषों दोनों में फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है, क्यूंकि यह हड्डियों को बनाने वाली कोशिकाओं और हार्मोन को प्रभावित करता है और गिरने का खतरा बढ़ा देता है।

संतुलित वजन कायम रखना
कम वजन होना, हड्डियों के फ्रैक्चर के खतरे से जुड़ा हुआ है। स्वस्थ मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए सही भोजन, आवश्यक पोषक तत्व और पर्याप्त कैलोरी प्रदान करता है।

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